मुख्य मेनु खोली

छिन्नमस्ता भगवती सप्तरी जिलाकऽ राजविराज सँ दक्षिण सीमावर्ती क्षेत्र छिन्नमस्ता कऽ सखडा गाममे परैत अछि । छिन्नमस्ता भगवती मनोकामना पूर्ण करैबाला शक्तिपीठसभ में सँ एक पीठ मानल जाईत अछि आ नेपाल आर भारतक आमजनमानसक बड्का आस्थाके केन्द्र अछि ।[१]

छिन्नमस्ता भगवती
छिन्नमस्ता भगवती मन्दिर
छिन्नमस्ता भगवती नेपालपर अवस्थित
छिन्नमस्ता भगवती
छिन्नमस्ता भगवती
नेपालक नक्सा में छिन्नमस्ता भगवतीक मन्दिर
निर्देशाङ्क: २६°४०′०″ उत्तर ८६°४४′५५″ पूर्व / २६.६६६६७° उत्तर ८६.७४८६१° पूर्व / 26.66667; 86.74861निर्देशाङ्क: २६°४०′०″ उत्तर ८६°४४′५५″ पूर्व / २६.६६६६७° उत्तर ८६.७४८६१° पूर्व / 26.66667; 86.74861
नाम
अन्य नामसभ: शक्रेश्वरी देवी
वास्तविक नाम: छिन्नमस्ता भगवतीक मन्दिर
अवस्थिति
देश: नेपाल
राज्य/अञ्चल: सगरमाथा
जिला: सप्तरी
स्थान: सखडा, छिन्नमस्ता
कला आ संस्कृति
मुख्य देवता: छिन्नमस्ता भगवती
प्रमुख पर्व: बिजया दशमी या दशहरा

इतिहाससम्पादन

प्राचिन इतिहास आर किवंदन्ती के अनुसार, सन् १०९७में मुसलमान आक्रमण कालमें कर्नाटकके कर्नाटवंशी राजा नान्यदेव भागि पाटली पुत्र होएत मिथिला आएल आ सिम्रौनगढ (बारा)मे अपन राजधानी कायम करलक। एहि नान्यदेव वंशके पाँचवा पिढीके शक्रसिंह देव राजा भएल । ऊ नाबालक पुत्र हरिसिंह देवके राजगद्दीपे राइख कऽ निर्वासित जीवन बिताबैल सप्तरी ऐला। तखैन जङ्गलस भरल ई स्थानमें जङ्गल सफा करि कालमें भेटल भगवती मूर्तिके ऊ आपन कुलदेवीके रूपमें स्थापना करलक आ अपन नामसऽ देवीके नाम शक्रेश्वरी राखने छल । देवीके शीर नभएल कारण सऽ किछु समयके बाद छिन्नमस्ता भगवती नाम राखल गेल छल ।[२] अहि ठाम दशमी (दशहरा) में शरधालू भक्तजन सभक नेपाल आर भारतक बिहार सं भारी मात्रा में माँ के भक्तसभ आबति अछि दसहरा के १० दिन अहि ठाम पूजा पाठ करs बला सभक खूब भीर रहति अछि ।

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सन्दर्भ सूचीसम्पादन

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