विष्णु वैदिक काल सँ सम्पूर्ण विश्वक सर्वोच्च शक्ति एवं नियन्ताक रूपमे मान्य रहल अछि।[१][२]विष्णु पुराण १/२२/३६ अनुसार भगवान विष्णु जिनका निराकार परब्रह्म जिनका वेदमे ईश्वर कहल गेल आ चतुर्भुज विष्णुक सबसँ निकटतम मूर्त एवं मूर्त ब्रह्म कहल गेल अछि। विष्णुक सर्वाधिक भागवत एवं विष्णु पुराणमे वर्णन अछि आ पुराणसभमे भागवत पुराण कऽ सर्वाधिक मान्य मानल गेल अछि जकर कारणे विष्णुक महत्व अन्य त्रिदेवसभक तुलनामे बेसी भऽ जाइत अछि।[३][४]

विष्णु
Vishnu
सृष्टिक पालनकर्ता ,(त्रिमूर्तिमे सँ एक)
Bhagavan Vishnu.jpg
देवनागरीविष्णु
तमिल लिपिவிஷ்ணு
वर्गहिन्दू धर्म , वैष्णव
वासस्थानक्षीरसागर , वैकुन्ठ
मन्त्रऊँ नमो भगवते वासुदेवाय, ॐ विष्णवे नम:, ॐ नमो नारायणाय, हरिः ॐ।
अस्त्रशङ्ख (पाञ्चजन्य),चक्र (सुदर्शन), गदा (कौमोदकी) आ पद्म, धनुष (सारङ्ग), तलवार नन्दक आ फरसा परशू
जीवनसाथीलक्ष्मी देवी आ भूदेवी
बालबच्चाब्रह्मा, कामदेव

शब्द-व्युत्पत्ति आ अर्थसंपादित करें

दशावतारसंपादित करें

ऋग्वेदमे विष्णुसंपादित करें

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