मुख्य मेनु खोली

पावनि अर्थात् कोनो विशेष दिन तथा तिथिमे विविध जातिजाती तथा समुदायकेँ लोकसभद्वारा विशेष पर्वक रूपमे मनाएल जाएवला आ अनेकौं देवदेवीसभक पूजाआजा करि भोज भात खाए नाचगान करि हर्षोल्लासक सङ्ग मनाएल जाएवला दिनकेँ कहल जाएत अछि। जौं एके ठाममे बेसी लोकसभ जमा भऽ जात्रा, यात्रा तथा उत्सव मनबैत अछि तँ ओकरा मेला कहल जाएत अछि। जात्राक अर्थ साधारणतया अपनासभ देवदेवीकेँ रथयात्रा, खटयात्रा आदिकेँ कहैत छी। तहिना, परापूर्व काल सँ चलि आएकल विविध किसिमक रीतिथिति, प्रचलन तथा प्रथासभकेँ परम्परा कहल जाएत अछि।

पावनिक प्रकारसम्पादन

नेपालमे मनाएल जाएवला पावनिसभसम्पादन