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गजेन्द्र ठाकुर (Gajendra Thakur; গজেন্দ্র ঠাকুর; ગજેન્દ્ર ઠાકુર; ଗଜେନ୍ଦ୍ର ଠାକୁର; ਗਜੇਨ੍ਦ੍ਰ ਠਾਕੁਰ; గజేన్ద్ర ఠాకుర; கஜேந்த்ர டாகுர; ಗಜೇನ್ದ್ರ ಠಾಕುರ; ഗജേന്ദ്ര ഠാകുര) भारतक लेखक छथि। ओ मैथिली मे लिखै छथि जे भारतक उत्तरी बिहारनेपालक दक्षिण-पूर्वी भागमे बाजल जाइत अछि । ओ मैथिली लेखक, कोष- निर्माता, आ विदेह (मिथिला)क इतिहासक ज्ञाता छथि । ओ मैथिली भाषाक तिरहुता लिपिमे लिखल ११००० तालपत्र-बसहा पत्रपर लिखल अभिलेखक देवनागरीमे लिप्यंतरण केने छथि।[१][२] वो पञ्जी सभ मिथिला क्षेत्रक मैथिल ब्राह्मण समुदायक आनुवंशिक लेखक थिक आ ऐमे लगभग १०० अन्तर्जातीय विवाह सेहो लिखित रूपमे वर्णित अछि। अखन धरि पौराणिक बुझल जाएबला व्यक्तित्व सभक लिखित प्रमाण पहिल बेर ऐ मे उपलब्ध भेल अछि।

गजेन्द्र ठाकुर
GajendraThakur.jpg
गजेन्द्र ठाकुर सन् २००९ में
जन्म (१९७१-०३-३०)३० मार्च १९७१
भागलपुर, बिहार, भारत
पेशा लेखक  · इतिहासकार  · शिक्षाविद्द
राष्ट्रियता भारतीय
अवधि २०वां–२१वां शताब्दी
शैली इतिहासकार, उपन्यासकार
उल्लेखनीय कामसभ सहस्रबाढ़नि
जीनोम मैपिंग (४५० ए.डी. सँ २००९ ए.डी.)-मिथिलाक पञ्जी प्रबन्ध
विदेह पहिल मैथिली अन्तर्राष्ट्रीय पाक्षिक ई-पत्रिका
जीवनसाथी प्रिती ठाकुर
बाल-बच्चा ओम ठाकुर
आस्था ठाकुर

जीवनीसम्पादन

गजेन्द्र ठाकुर केँ जन्म बिहार केँ भागलपुर में ३० मार्च १९७१ ई. मे भेल । पिता-स्वर्गीय कृपानन्द ठाकुर, माता-श्रीमती लक्ष्मी ठाकुर, मूल-गाम-मेंहथ, भाया-झंझारपुर,जिला-मधुबनी (बिहार)। शिक्षा: एम.बी.ए. (फाइनेन्स), सी.आइ.सी., सी.एल.डी., कोविद।

विदेह (पत्रिका) प्रधान संपादक सहित अनेको वेबसाइटक संचालक आ पथप्रदर्शक।

विशेष------ हिनक चारिटा मुख्य विशेषता अछि---

1) ई मैथिलीक पहिल अरूजी छथि, आ

2) हिनका माध्यमे मात्र बारह सालमे कुल ३५०-४००टा नवलेखक आ कतिआएल लेखक सामने अएलाह।

3) अन्तर-महाविद्यालय क्रिकेट प्रतियोगितामे "मैन ऑफ द सीरीज" (1991), सम्प्रति अमेच्योर गोल्फर|

4)अंतर्जाल लेल तिरहुता आ कैथी यूनीकोडक विकासमे योगदान आ मैथिलीभाषामे अंतर्जाल आ संगणकक शब्दावलीक विकास, मैथिली विकीपीडियाक स्थापक। गूगल मैथिली ट्रान्सलेटमे योगदान आ शब्दकोषक वृहत संकलन ओ प्रकाशन। संस्कृत वीथी नाटकक निर्देशन आ ओइमे अभिनय।

लेखनसम्पादन

प्रकाशित गजल संग्रह----धांगि बाट बनेबाक दाम अगूबार पेने छँ

अन्य लेखन:

प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना भाग-१

सहस्रबाढ़नि (उपन्यास)

सहस्राब्दीक चौपड़पर (पद्य संग्रह)

गल्प-गुच्छ (विहनि आ लघु कथा संग्रह)

संकर्षण (नाटक)

त्वञ्चाहञ्च आ असञ्जाति मन (दूटा गीत प्रबन्ध)

बाल मण्डली/ किशोर जगत (बाल नाटक, कथा, कविता आदि)

उल्कामुख (नाटक)

सहस्रशीर्षा (उपन्यास)

प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना भाग दू (कुरुक्षेत्रम अन्तर्मनक-२)

शब्दशास्त्रम (कथा संग्रह)

जलोदीप (बाल-नाटक संग्रह)

कुरुक्षेत्रम् अन्तर्मनक (देवनागरी वर्सन, तिरहुता वर्सन, ब्रेल वर्सन)

सहस्रबाढ़नि_ब्रेल मैथिली (पी.डी.एफ.)

सहस्रबाढ़नि_ब्रेल-मैथिली

मिथिलाक इतिहास- भाग-२ (शीघ्र)

जगदीश प्रसाद मण्डल- एकटा बायोग्राफी (शीघ्र)

The Comet

The_Science_of_Words

On_the_dice-board_of_the_millennium

A Survey of Maithili Literature- Vol.II- GAJENDRA THAKUR (soon)

Learn Mithilakshar Script तिरहुता (मिथिलाक्षर) सीखू

Learn_MithilakShara_GajendraThakur.pdf

Learn Braille through Mithilakshar Script ब्रेल सीखू

LearnBraille_through_Mithilakshara.pdf

Learn International Phonetic Script through Mithilakshar Script अन्तर्राष्ट्रीय ध्वन्यात्मक वर्णमाला सीखू Learn_International_Phonetic_Alphabet_through_Mithilakshara.pdf

सह-लेखन: गजेन्द्र ठाकुर, नागेन्द्र कुमार झा आ पञ्जीकार विद्यानन्द झा MAITHILI-ENGLISH DICTIONARIES Maithili_English_Dictionary_Vol.I.pdf

MaithiliEnglishDictionary_Vol.II_GajendraThakur.pdf

ENGLISH-MAITHILI DICTIONARIES VIDEHA ENGLISH MAITHILI DICTIONARY

EnglishMaithiliDictionary_Vol.I_GajendraThakur.pdf

जीनोम मैपिंग (४५० ए.डी.सँ २००९ ए.डी.)--मिथिलाक पञ्जी प्रबन्ध

जीनोम मैपिंग (४५० ए.डी.सँ २००९ ए.डी.)--मिथिलाक पञ्जी प्रबन्ध (Click this link to download)

पंजी (मूल मिथिलाक्षर ताड़पत्र)

दूषण पंजी

मोदानन्द झा शाखा पंजी

मंडार- मरड़े कश्यप-प्राचीन

प्राचीन पंजी (लेमीनेट कएल)

उतेढ़ पंजी

पनिचोभे बीरपुर

दरभंगा राज आदेश उतेढ आदि

छोटी झा पुस्तक निर्देशिका

पत्र पंजी

मूलग्राम पंजी

मूलग्राम परगना हिसाबे पंजी

मूल पंजी-२

मूल पंजी-३

मूल पंजी-४

मूल पंजी-५

मूल पंजी-६

मूल पंजी-७

सन्दर्भसम्पादन

  1. गजेन्द्र ठाकुर ' maithililekhaksangh- Maithili Language Author's Site.
  2. Gajendra Thakur re-written in English 'Videha- Ist Maithili Fortnightly e Magazine ISSN 2229-547X in Maithili language and simultaneously in Devanagari, Tirhuta and Braille scripts]