अहिल्या अथवा अहल्या गौतम ऋषिकी पत्नी छलिन । ओ चतुर्मुखी ब्रह्माजीक मानस पुत्री छलिन । ब्रह्माजी संसारक सबसँ सुन्दर नारीक रुपमे अहिल्याके रचना केने छल । अहिल्या अती सून्दर छलिनके जेकर रुपजालमे फँसेर स्वर्गक राजा देवराज इन्द्र हजार योनीज होए पर्ल छल । हिन्दू धर्मक सब धार्मीक ग्रन्थसभ जस्तै :- वेद, पुराण, रामायण, महाभारत आदी प्रमुख ग्रन्थसभमे अहिल्याक बारेमे चर्चा कएल गेल अछि।

अहिल्या
लाल किनारों वाली श्वेत साड़ी पहने, पेड़ के सहारे खड़ी एक युवा गोरी महिला, उसने बायां हाथ इस तरह मोड़ रखा है कि वो बालों में है और दायां हाथ में फूलो की टोकरी ले रखी है।
राजा रवि वर्मा (१८४८–१९०६) द्वारा निर्मित अहिल्या चित्र।
वर्गऋषि (संत), पंचकन्या
वासस्थानगौतम ऋषिक आश्रम
जीवनसाथीगौतम
बालबच्चाशतनन्दा

अहिल्या शब्दक अर्थसम्पादन

अहिल्याक बारेमे पौराणिक ग्रन्थसभमे बहुत बहस भेल अछि । अहिल्याक जिवनक बहुत पाटासभमे पौराणिक कालसँ हालतक विभिन्न विद्वान अध्ययता तथा ऋषिमुनीसभक बीचमे निरन्तर बहस छलफल होएत आएल अछि । [१]

सन्दर्भ सामग्रीसभसम्पादन

  1. गौतम गोत्र एकता समाज नेपाल द्वारा प्रकाशित पुस्तक गौतम गोत्र वंश परिचय लेखक राजेश कुमार बटाला

बाह्य जडीसभसम्पादन

एहो सभ देखीसम्पादन