होलिका दहन वा कमदु पाईरी, होलीका शैतान जलावेसँ मनाएल जाइत अछि । हिन्दुत्वमे अनेकौं परम्परासभक लेल, होलिका मुल्तान शहरमे विष्णुद्वारा प्रहलादक बचावेक लेल होलिकाक मृत्युक उत्सव मनावल जाइत अछि, आ एही प्रकार होलीक नाम रखल गेल अछि । पहिनुक दिनसभमे, लोग होलीका दहनक लेल लकडी वा दुई टुक्राक योगदान करैत अछि । आ, ई होलिकाक ओकर भाई हिरणान कश्यपक हत्या करैक प्रतिनिधित्व करैत अछि ।

होलीका दहन
Holika Dahan
होलीका दहन Holika Dahan
होलीका दहन उदयपुर, राजस्थान मे
प्रकारहिन्दू
अनुष्ठानहोलिका दहनसँ पहिनुक राति
होलीमे: दोसरसभ पर रङ्ग फेक्नाए, नृत्य, पार्टी; त्योहार व्यञ्जन खेनाए
आरम्भफाल्गुन पूर्णिमा वा पूरनमाशी (पूर्णिमा)
तिथिफरबरी-मार्च
समबन्धहोली
नयाँ दिल्लीमे होलीक पुर्व-सन्ध्यामे होलीका दहन, २०१२

महत्वपूर्णतासम्पादन

 
महिलासभ होलिका दहनक तैयारी करैत, काठमाडौँ, नेपालमे

अनुष्ठानसम्पादन

 
होली पर्वमे मुन्द्रा, २०१५ मे दहन

होलीका जलावेक कारणसम्पादन

सन्दर्भ सामग्रीसभसम्पादन

बाह्य जडीसभसम्पादन

एहो सभ देखीसम्पादन