"आयुर्वेद" के अवतरणसभमे अन्तर

कुनो सम्पादन सारांश
६. अगदतन्त्र- सर्प, कीट, लूता, माकुरा, विच्छी, मुसा आदि जीवसभक दंशसँ उत्पन्न विष, स्वाभाविक, संयोगज आ गर विषक लक्षण, तेकर निवारण करै विधिक उपदेश दऽ तन्त्रके अगदतन्त्र कहैत अछि।
 
७. रसायनतन्त्र- जे आहार-विहार एवं औषधिक सेवनसँ प्रशस्त मात्रामे रस-रक्तादि धातुसभक वृद्धि होएत अछि। दीर्घ जीवन, स्मरणशक्ति, धारणाशक्ति, सुस्वास्थ्य, शारीरिक पुष्टि, इन्दि्रय शक्ति, बलवृद्धि आ वाक्शक्ति आदिक प्राप्ति होएत अछि। रसायनसभक उपदेश दऽ तन्त्रके रसायनतन्त्र कहैत अछि।
==सन्दर्भ सामग्रीसभ==
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