रणजंग पाँडे विसं १८९४ श्रावणमे मुख्तियार भिमसेन थापाके पदच्युत कएल गेला बाद मुलुकक केन्द्रीय राजनीतिमे पकड बनाबैमे सफल भेल छल । मुलुकक मुख्तियारी रंगनाथ पौडेलद्वारा जिम्मेवारी बहन करला बादो हुनकर अधिकार क्षेत्र मुलुकी बन्दोवस्त आ परराष्ट्र विभागमे मात्र सिमित छल । रणजंग पाँडे ओहि बखत जङ्गी विभागक जिम्मेवारी पाबनए छल । ओकर बाद तत्कालीन राजा राजेन्द्रक निर्देशन अनुसार हुनकर जफत कएल गेल पारिवारिक जमीन घुमाएल गेल आ हुनकर भैया रणदल पाँडेके काजी बनाए पाल्पा पठाएल गेल छल । विसं १९९५ भादोमे रंगनाथ पौडेलक राजीना देलाबाद चौतारिया पुष्कर शाहके मुख्तियारी देल गेल आ ओहि वर्षक पुस महिनामे रणजंग पाँडे मुख्य मन्त्री बनाएल गेल । तत्कालिन जेठकी रानी साम्राज्यलक्ष्मीक दवाबक कारण विसं १८९७ साल माघ (सन् १८४० फरबरी १४)मे राजा राजेन्द्रविक्रम शाह हुनका मुख्तियार नियुक्त केनए छल । विसं १८९८ साल कात्तिक (सन् १८४० नवम्बर १)मे हुनका से पद सँ हटाएल गेल छल ।[१]

श्री मुख्तियार काजी
रणजंग पाँडे
मुख्तियार काजी रणजंग पाँडे
जन्मसन् १७८९
काठमाडौं
मृत्यु१८ अप्रैल १८४३
काठमाडौं
राष्ट्रियतानेपाली
उपाधिमुख्तियार काजी
Termसन् १८३७- सन् १८४०
अग्रजभीमसेन थापा
उत्तराधिकारीरङ्गनाथ पौडेल
मातापितादामोदर पाण्डे

सन्दर्भ सामाग्रीसभसम्पादन

  1. प्राचिन नेपाल (पृष्ठ-३२ ), बैसाख २०६३, पुरातत्व विभाग

एहो सभ देखीसम्पादन