मंगल पाण्डे, सन १८५७ कऽ प्रथम भारतीय स्वतन्त्रता संग्रामक अग्रदूत छल।

मंगल पाण्डेय
जन्म३० जनवरी १८२७
दुगवा रहीमपुर फैजाबाद, भारत
मृत्यु८ अप्रैल १८५७
बैरकपुर, भारत
रोजगारबैरकपुर छावनी मे बंगाल नेटिव इन्फैण्ट्री कऽ ३४अम रेजीमेण्ट मे सिपाही
प्रसिद्धी कारणभारतीय स्वतन्त्रता सेनानी
धर्महिन्दू
मंगल पाण्डेय ने इसी एन्फील्ड राइफल का प्रयोग २९ मार्च १८५७ को बैरकपुर छावनी में किया था

संक्षिप्त जीवनसम्पादन

उनकर जन्म १९ जुलाई १८२७ मे उत्तर प्रदेशक फैजाबाद जिलाक दुगवा रहीमपुर गाँवमे भेल छल । ओ , कोलकाताक छेउ बैरकपुरक सैनिक छावनी मे ३४ अम बंगाल नेटिव इन्फैंट्रीक एक सिपाही छल । भारतक स्वतत्रताक पहिल लडाई अर्थात १८५७ कऽ विद्रोहक शुरुवात उनकर विद्रोहसँ भेल छल । २९ मार्च सन १८५७ कऽ दिन ओ अंग्रेज अफसरसभ उपर आक्रमण केलक । ओ अपन अन्य साथीसभ सग उनका सघाउन आह्वान केलक । मुद्दा ओसभ उनकर साथ नै देलक आ हुनका पक्रा केलक । हुनका मुद्दा(कोर्ट मार्शल)लगाक ६ अप्रिलक दिन मृत्यु दण्ड सुनालक । १८ अप्रिलक दिन हुनका फांसी सजाई देने छल । ई निर्णयमे प्रतिक्रिया विकराल रूप लिन नै सकल , ई रणनीति अनुसार ब्रिटिस सरकार मंगल पाण्डेके दस दिन पूर्व नै ८ अप्रिल सन १८५७ कऽ दिन फांसी देलक ।

विद्रोह कऽ परिणामसम्पादन

 
सन् १८५७ कऽ सैनिक विद्रोह कऽ एक झलक

सन्दर्भ सामग्रीसभसम्पादन

बाह्य जडीसभसम्पादन

गदरका पुरोधा (अमर उजाला)

एहो सभ देखीसम्पादन