निर्मला पन्त के बलात्कार आओर हत्या प्रकरण

२७ जुलाई २०१८ के दिन, नेपालक कञ्चनपुरक १३ वर्षीय बालिका निर्मला पन्त के केत्तारी के खेत में ओकर घर के लग में ही बलात्कार आओर हत्या करि देल गेल छल, किया कि ओ एक दिन पहिने बेपत्ता भ गेल छल। घटनाक खबर सामाजिक सञ्जाल पर भाइरल भ गेल आओर व्यापक निन्दा सेहो भेल। सरकार आओर पुलिस पर दबाव बनावे के लेल, घटना भेलाक बाद के दिनसभमें आओर महिनासभमें पूरे देश में विभिन्न न्याय अभियान आओर उग्र विरोध प्रदर्शन आयोजित कएल गेल । २० अगस्त के दिन कञ्चनपुर पुलिस कार्यालय एक गोटे संदिग्ध व्यक्ति के पेश केनए छल। मुद्दा, स्थानीय लोगसभ ओकरा अपराधी मानए सँ अस्वीकार करि देनए छल आओर पुलिस पर आरोप लगावैत ओकर रिहाई के माँग केलक। [१]

पन्त के शरीर नग्न पाओल गेल छल, आओर शव परीक्षण भेलाक बाद निष्कर्ष देल गेल जे ओकर साथ में बलात्कार कएल गेल छल आओर मृत्यु के कारण "मृत्यु के लेल अग्रणी थ्रोटलिङ्ग एस्फिक्सिया" के रूप में उद्धृत कएल गेल छल। स्थानीय पुलिस आओर अपराध अनुसन्धान ब्यूरो (CIB) के एकटा टीम द्वारा कएल गेल पहिल अनुसन्धान एकर तरिका आओर आचरण के लेल व्यापक आलोचना केनए छल।[२]

घटनासंपादित करें

२६ जुलाई २०१८ के दिन, नौ कक्षा में अध्ययनरत छात्रा, भीमदत्तनगर-२ के निर्मला पन्त, अपन साथी (परिवार के नाम: बम) के घर पर अध्ययन करवाक लेल घरसँ चलि गेल।[३] माइ रिपब्लिक बतौलक जे ओ अपन घर सँ डेढ किलोमिटर के दुरी पर बम के घर में गेल, लगभग ११ बजे, आओर ओतय् तीन घण्टा बितौलक।[४][५] [४]ओ लगभग ३ बजे घर के लेल चलि गेल। मुद्दा फिर्ता नै आएल घर। पन्त के परिवार स्थानीय पुलिस स्टेशन में एकटा बेपत्ता व्यक्ति के शिकायत दर्ज करवाक प्रयास केलक, मुद्दा अगला दिन फेरसँ आबै के निर्देश देल गेल। शुक्रदिन, २७ जुलाई २०१८ के दिन, पन्त के शव बम के घर सँ लगभग ५०० मिटर के दुरी पर भीमदत्तनगर -१ में निम्बुखेडा में एकटा केत्तारी के खेत में नग्न अवस्था में मिलल छल।

अनुसन्धानसंपादित करें

पन्त के शव सडक के किनारा में केत्तारी के खेत में ओकर साइकल खोजए के क्गेरम में भेटल छल। प्रारम्भिक अनुसन्धान के आधार पर, स्थानीय पुलिस बतौने छल जे ओकर बलात्कार के बाद हत्या करि देल गेल छल। CIB (क्राइम इन्भेस्टिगेसन ब्यूरो) के टीम, पुलिस उपरीक्षक (DSP) अङ्गुर जी.सी. घटना के चारि दिन के बाद कञ्चनपुर पहुँचए पर अनुसन्धान शुरू केनए छल। कञ्चनपुर पुलिस आओर CIB के टीम, संदिग्ध के रूप में, एक गोटे ४१ वर्षीय स्थानीय व्यक्ति के नाम लेनए छल, जेकरा पूर्व में अपन जीजा के हत्या के लेल नौ साल के जेल के सजा सुनाएल गेल छल, ओकरा पर शङ्का केनए छल।

पुलिस दाबी के साथ केलक जे ओ संदिग्ध पुछताछ के बीच में बहुतरास बेर अपराध स्वीकार केलक। १२ सितम्बर के दिन ओकर डीएनए के पीडित के डीएनए के नमुना सँ मेल नै होए सँ बाद में ओकरा छोडि देल गेल छल। पन्त के परिवार सहित स्थानीय लोग सभ हिंसक आन्दोलन कएल गेल ई आरोप लगावैत जे असली दोषी के बचावे के लेल पुलिस द्वारा निर्दोष व्यक्ति के दुर्भावनापूर्ण तरिकासँ फसाओल गेल अछि। बाम बहीनसभ, पन्त के सहेली आओर ओकर बहिन के २३ अगस्त २०१८ के दिन में प्रदर्शनकारी के मांग के आधार पर गिरफ्तार कएल गेल; ओ दुनु गोटे के जिला अधिवक्ताके कार्यालय के साथ कानूनी परामर्श के बाद छोडि देल गेल। पन्त कऽ सहेली के एही शर्त पर रिहा कएल गेल जे ओ स्वयम् के पुलिस के आगा पेश करै, जखन कि ओकर बहिन के ३०,००० रुपैया के जमानत पर रिहा कएल गेल छल।

कारागार प्रबन्धन विभाग के महानिर्देशक हरि प्रसाद मैनाली ई घटना के जाँच के लेल नेपाल सरकार द्वारा २३ अगस्त २०१८ के दिन, एकटा समिति के गठन केलक। कञ्चनपुर के पुलिस प्रमुख, पुलिस उपरीक्षक (एसपी) दिल्ली राज विष्ट आओर मुख्य जिला अधिकारी (सीडीओ) कुमार बहादुर खड्का के काठमाण्डौ बुलाओल गेल, आओर ओसभ के पर जगह नवका अधिकारीसभ के नियुक्त कएल गेल। ई घटना के कारण गृह मन्त्रालय द्वारा डीएसपी ज्ञान बहादुर सेठी आओर अङ्गुर जीसी, इन्स्पेक्टर एकेन्द्र खड्का आओर जगदीश भट्ट आओर सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) राम सिंह धामी के निलम्बित करि देल गेल। १७ सितम्बर २०१८ के दिन, मामला के जाँच में ओकर भागीदारी पर नौ पुलिस अधिकारी सँ पूछताछ कएल गेल, जाहीमें एसपी दिल्ली राज विष्ट शामिल छल। मुद्दा, वीरेन्द्र के.सी. जाँच के कमजोर करवाक कोशिश करि रहल समूह सँ खतरा होए के आश्वासन दैत गृह मन्त्रालय के जाँच प्यानल के छोडि देलक। नेपाल पुलिस के प्रवक्ता के अनुसार, एसएसपी शैलेश थापा क्षेत्री, एसपी विष्ट, हुनकर बेटा आओर भीमदत्त के मेयर के भतीजा सँ डीएनए नमुना लेल गेल छल, साथ में पीडित के योनी स्वाब के सेहो जाँच के लेल आगा रखल गेल छल, मुद्दा दुनु गोटे में सँग कोनो के नमुना नै मिलान भेल। १७ सितम्बर २०१८ के दिन, नेपाल पुलिस द्वारा DIGP (डेप्युटी इन्स्पेक्टर जनरल अफ पुलिस) धीरू बस्नेत के अगुवाई में SSP उत्तम सूबेदार के नेतृत्व वाला पूर्व जाँच कमिटी के बदलि के लेल एकटा नवका जाँच समिति के गठन कएल गेल छल। ओ दिन, प्रधानमन्त्री खड्ग प्रसाद शर्मा ओली दावा केनए छल जे स्थानीय पुलिस जाँच सँ बाहर भऽ गेल छल। ओ अनुमान लगौलक जे या तँ पुलिस जाँच के विफल करि देनए छल या जाँच में गलती छल। एही मामला में केन्द्र सरकार के ध्यान आकर्षित करवाक लेल पन्त परिवार बस सँ ३५ घण्टा के यात्रा करि के काठमाण्डौ धरि आएल छल। ओली, पन्त परिवार के आश्वासन दैत कहलक् जे अपराधी पर मुकदमा चलाओल जाएत् आओर ओकर पैसा, शक्ति, पद वा प्रभाव के बावजूद ओकरा दण्डित कएल जाएत्।

१८ सितम्बर २०१८ के दिन, कञ्चनपुर पुलिस प्रमुख एसपी कुबेर कठयात स्वीकार केलक जे कोनो ठोस सबूत नै छल, आओर जाँच जारी छल। सरकार पहिने पीडित के लाश के खोज के बाद स्थानीय जाँच पुलिस द्वारा सबूतसभ के नष्ट करवाक कारण एकटा जाँच समिति के गठन केनए छल। डीआईजी धीरू बस्नेत, जिनका एकटा नौ सदस्यीय जाँच समिति के प्रमुख अधिकारी नियुक्त कएल गेल छल, नवका जाँच के लेल १६ सितम्बर २०१८ में कहल गेल जे जाँच नवका तरिका सँ शुरू कएल जाएत्।

डीएनए परीक्षणसंपादित करें

प्रतिक्रिया आओर विरोधसंपादित करें

सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनसंपादित करें

सन्दर्भ सामग्रीसभसंपादित करें


बाह्य जडीसभसंपादित करें