नाडिया मुराद बेसे ताहा (Kurmanji Kurdish: Nadiye Murad Basî Teha; Sorani Kurdish: نادیە موراد باسی تەھا‎; अरबी: نادية مراد باسي طه‎; जन्म १९९३)[१] एक जर्मनमे रहनिहार याजिदी-इराकी मानव अधिकार कार्यकर्ता छी ।[२] सन् २०१४ मे इस्लामिक स्टेटद्वारा हिनका अपन गृह नगर कोजो सँ अपहरण करि ३ महिनाधरि बन्दी बनाएल गेल छल ।[३] सन् २०१८ मे हिनका आ डेनिस मुकवेजकें संयुक्त रूप सँ युद्ध आ सशस्त्र सङ्घर्षमे हथियारक रूपमे यौन हिंसाक उपयोगकें समाप्त करवाक प्रयाससभ कऽ लेल नोबेल शान्ति पुरस्कार सँ सम्मानित कएल गेल छल ।[४] ओ नोबेल पुरस्कार सँ सम्मानित होमए वाली पहिल इराकी छी ।[५]

नाडिया मुराद
Nadia Murad
नाडिया मुराद २०१५ मे
नाडिया मुराद २०१८ मे
जन्म
नाडिया मुराद बसी ताहा

सन् १९९३
उल्लेखनीय कार्यसभ
द लास्ट गर्ल: माई स्टोरी अफ क्याप्टिभिटी, एन्ड माई फाइट अगेनस्ट द इस्लामिक स्टेट
पुरस्कार


जीवनीसंपादित करें

काजसभसंपादित करें

पुरस्कार आ सम्मानसंपादित करें

सन्दर्भ सामग्रीसभसंपादित करें

  1. By Editorial Staff (२० अगस्त २०१८), "Iraqi Yazidi human rights activist Nadia Murad gets married", Kurd Net - Ekurd.net Daily News 
  2. Siddique, Haroon; Maclean, Ruth (५ अक्टुबर २०१८), "Nobel peace prize 2018 won by Denis Mukwege and Nadia Murad – as it happened", The Guardian 
  3. Westcott, Lucy (१९ मार्च २०१६), "ISIS sex slavery survivor on a mission to save Yazidi women and girls", Newsweek, अन्तिम पहुँच २२ सितम्बर २०१६ 
  4. "Announcement", The Nobel Peace Prize 
  5. "Nobel Peace Prize winner Nadia Murad", BBC News, ५ अक्टुबर २०१८। 

बाह्य जडीसभसंपादित करें

एहो सभ देखीसंपादित करें